बिहार के सभी विश्वविद्यालयों 15 जनवरी तक सीनेट बैठक कर नीतीश सरकार को भेजें रिपोर्ट

बिहार के सभी विश्वविद्यालयों को 15 जनवरी तक सीनेट की बैठक कर लें। उसके बाद इसका रिपोर्ट नीतीश सरकार को भेज देना है। ताकि बिहार सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विश्वविद्यालयों का बजट तैयार कर सके। विश्वविद्यालय द्वारा एक वर्ष का आय-व्यय का लेखा जोखा भेजना है। विश्वविद्यालयों का वित्तीय वर्ष 2020-21 में कितना खर्च हुआ।
इसके साथ ही, राज्य के विश्वविधायलों को आंतरिक स्रोत से कितनी आए हुई। सरकार से आगामी वर्ष में कितनी राशि चाहिए। इसका ब्योरा तैयार कर लेना है। इधर, सरकार से पत्र आने के बाद विश्वविद्यालयों में बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ताकि समय पर सीनेट से बजट पास कराकर भेज दिया जाए। सभी विश्वविद्यालयों को अपने हिसाब से समय पर सभी तरह के वित्तीय आय-व्यय का खर्च तैयार कर भेज देना है।
इसके अलावा पूरे साल विश्वविद्यालय की ओर से एकेडमिक और सिंडिकेट में जो फैसले लिए गए हैं, उसकी जानकारी भी देनी है। किस विश्वविद्यालय ने कितने कॉलेजों को मान्यता दी, यह भी जानकारी भेजनी है। वही, पटना विश्वविद्यालय में जनवरी के पहले सप्ताह में सीनेट की बैठक कराने की तैयारी चल रही है। वहीं, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में जनवरी 12 या 13 को सीनेट की बैठक होगी। जबकि मौलाना मजहरुल हक विवि में 10 जनवरी तक सीनेट की बैठक होने की संभावना है।