निर्जल व्रत में इस बात का बहुत ही ख़ास ध्यान रखना पड़ता है कि व्रत ख़त्म होने के बाद ऐसा कुछ भी न खाएं जिससे पेट पर बहुत ज्यादा दबाव पड़े| दिन भर भूखे रहने की वजह से महिलाएं शाम को जब व्रत खोलती हैं, तो बिना पेट और सेहत की फ़िक्र किये जो भी […]Read More
सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ बेहद महत्वपूर्ण त्यौहार होता है| इस अवसर पर महिलाएं बिना अन्न-जल ग्रहण किये व्रत करती हैं और अपने पति की लम्बी उम्र की कामना करती हैं| इस दिन चन्द्रमा की पूजा का विशेष महत्व है| चन्द्र दर्शन के बाद ही महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं| चन्द्र पूजन के बिना […]Read More
दीपावली में लोग एक-दूसरे को शुभकामनाओं के साथ-साथ मिठाई तथा उपहार देते हैं| लेकिन कई बार लोग भूलवश एक दुसरे को कुछ ऐसे उपहार दे देते हैं, जिसका नकारात्मक असर दोनों पर पड़ता है| शास्त्रों में कुछ उपहार वर्जित तथा अशुभ माने गए हैं,जो निम्न हैं| श्री कृष्ण तथा अर्जुन को कुरुक्षेत्र के युद्ध में […]Read More
शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिन मी सिद्धिदात्री की पूजा कि जाती है| माँ सिद्धिदात्री भक्तों को हर प्रकार की सिद्धि प्रदान करती हैं| चार भुजाओं वाली माँ सिद्धिदात्री सिंह की सवारी करती हैं| इनकी दाहिनी ओर के ऊपर वाले हाथ में गदा और नीचे वाले हाथ में चक्र है| बाईं ओर के ऊपर वाले हाथ […]Read More
प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देशवासियों को दुर्गाष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता महागौरी के आशीर्वाद से हर किसी का जीवन तेज और ओज से परिपूर्ण हो|मोदीजी ने दुर्गाष्टमी पर शुभकामनाएं देते हुए कहा- महाष्टमी के विशेष अवसर पर सभी को बधाई| मैं माँ दुर्गा से सभी के जीवन में ख़ुशी, बेहतर […]Read More
आज शारदीय नवरात्र का आठवा दिन है लेकिन इस साल 24 अक्टूबर को ही नवमी भी मनाया जा रहा है| महाष्टमी नवमी पर उपवास करने का और कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है| नवरात्र अष्टमी की तिथि शुरुआत 23 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 57 मिनट से शनिवार 24 अक्टूबर को 6 बजकर 58 […]Read More
महाशक्ति माँ दुर्गा का सातवाँ स्वरुप है माँ कालरात्रि| माँ कालरात्रि काल का नाश करने वाली हैं| इसी वजह से इन्हें कालरात्रि कहा जाता है| इस दिन भानु चक्र की शक्तियां जागृत होती है| वास्तव में भानु चक्र न होकर नाडी है| इसे सूर्य अथवा पिंगला नारी भी कहते हैं| जो हमारे दायें तरफ होती […]Read More
भगवती का छठा स्वरुप कात्यायनी के नाम से विख्यात है| कथा यह है कि कत नाम के एक ऋषि हुआ करते थे| उनके कात्य नाम के पुत्र हुए थे| इन्हीं कात्य के गोत्र में महर्षि कात्यायन हुए थे| महर्षि कात्य ने वर्षों तक भगवती की कठोर तपस्या की थी| वह भगवती के उनके घर में […]Read More
शनिवार से शुरू हुई शारदीय नवरात्रि का आज पांचवा दिन है| आज के दिन श्रद्धालु माँ स्कंदमाता की पूजा करके उन्हें खुश करने का पूरा प्रयास करते हैं| आपको बता दें कि स्कन्द कुमार कार्तिकेय को माता की वजह से ही स्कन्द के नाम से जाना जाता है| क्योंकि स्कन्द भगवान् छोटे से ही थे, […]Read More
कोलकाता उच्च न्यायालय ने कोरोना वायरस को काबू में रखने के लिए सोमवार को राज्य भर के सभी दुर्गा पंडालों में प्रवेश निषेध क्षेत्र घोषित कर दिया है| बता दें कि पश्चिम बंगाल में अब तक कोरोना वायरस के 3.2 लाख मामलें सामने आ चुके हैं और कोरोना के कारण 6,000 से अधिक लोगों की […]Read More