यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए सरकार कर रही अपना काम, पुतिन को नहीं दे सकते युद्ध रोकने का निर्देश

 यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए सरकार कर रही अपना काम, पुतिन को नहीं दे सकते युद्ध रोकने का निर्देश

रूस और यूक्रेन की लड़ाई का आज 8वां दिन है। ऐसे में यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा चलाया जा रहा है। वहीं यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए भारत सरकार को निर्देश देने के लिए एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका पर आज गुरुवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि भारत सरकार भारतीयों को निकालने के लिए अपना काम कर रही है।

ऑपरेशन गंगा के तहत आज गुरुवार को 3 हजार 726 भारतीयों को यूक्रेन से वापस लाया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने दी। उन्होंने कहा कि बुखारेस्ट से 8 फ्लाइट, सुसेवा से 2 फ्लाइट, कोसिसे से 1 फ्लाइट, बुडापेस्ट से 5 फ्लाइट और रेज़ज़ो से 3 फ्लाइट से भारतीय छात्रों और अन्य लोगों को वापस लाया जाएगा।

आपको बता दें भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा, “हमें छात्रों के साथ सहानुभूति है, हमें बहुत बुरा लग रहा है। लेकिन क्या हम रूस के राष्ट्रपति पुतिन को युद्ध रोकने का निर्देश दे सकते हैं?” वहीं सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल से रोमानिया की सीमा के पास यूक्रेन में फंसे कुछ भारतीय छात्रों को निकालने में मदद करने के लिए कहा है।

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