PM नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में छठ महापर्व का जिक्र और विश्व नदी दिवस पर कहा, नदियां हमारे लिए जीवंत इकाई हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने विश्व नदी दिवस पर मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश की नदियों को प्रदूषणमुक्त रखने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया। पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का यह के 81वां एपिसोड है। मन की बात का यह कार्यक्रम हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11 बजे से प्रसारित किया जाता हैं। जहां वे अलग-अलग विषयों पर अपनी बात रखते हैं और लोगों से संवाद करते हैं।

बता दें कि पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि पिछले कुछ दशकों ये साबरमती नदी सूख गयी थी। साल में 6-8 महीने पानी नजर ही नहीं आता था, लेकिन नर्मदा नदी और साबरमती नदी को जोड़ दिया, तो अगर आज आप अहमदाबाद जाओगे तो साबरमती नदी का पानी ऐसा मन को प्रफुल्लित करता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमारे यहां कहा गया है- पिबंति नद्द:, स्वय-मेव नाम्भ:’ अर्थात नदियां अपना जल खुद नहीं पीती, बल्कि हमारे लिए नदी एक जीवंत इकाई है और तभी तो हम नदियों को मां कहते हैं।

हमारे कितने ही पर्व हो, त्योहार हो, उत्सव हो, उमंग हो, ये सभी हमारी इन माताओं की गोद में ही तो होते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने विश्व नदी दिवस का जिक्र कर कहा कि नदियां अपना जल स्वयं नहीं पीती, बल्कि परोपकार के लिए होती है। हमारे लिए नदी एक जीवन इकाई है। हमारे कितने ही पर्व, त्योहार, उत्सव हो यह इन माताओं की गोद में ही होता है।
इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि बारिश के बाद बिहार और पूरब के हिस्सों में छठ का महापर्व मनाया जाता है। मुझे उम्मीद है कि छठ पूजा को देखते हुए निदयों के किनारे, घाटों की सफाई और मरम्मत की तैयारीर शुरू कर दी गई होगी। हम नदियों की सफाई और उन्हें प्रदूषण मुक्त करने का काम सबसे प्रयास और सबके सहयोग से कर सकते हैं। ‘नमामि गंगे मिशन’ भी आज आगे बढ़ रहा है तो इसमें सभी लोगों के प्रयास, एक प्रकार से जन-जागृति, जन-आंदोलन की बहुत अहम भूमिका है।